खुसूर-फुसूर वक्त पर सख्त कार्रवाई… अपराध पर सख्त कार्रवाई करने से वह वापस मुंह नहीं निकाल पाता है

खुसूर-फुसूर

वक्त पर सख्त कार्रवाई…

अपराध पर सख्त कार्रवाई करने से वह वापस मुंह नहीं निकाल पाता है। वर्दी अगर सही समय पर और सख्त कार्रवाई करती है तो अपराध की वृत्ति को तत्काल ही दबाया और नेस्तनाबूद किया जा सकता है। रविवार रात को जिले की औद्योगिक तहसील में इसी तरह का माहौल बना था। बेवजह ही चंद आपराधिक वृत्ति के लोगों के फेर में शहर को अशांत करने की कोशिश जरायमपेशाओं ने अंजाम दी थी। वर्दी ने सही समय पर और सख्त कार्रवाई से ऐसी वृत्तियों को सिरे से कुचल दिया और इसके साथ ही चेतावनी देने के लिए अपना प्रदर्शन भी कर दिया कि सभ्य समाज में कुत्सित आपराधिक मानसिकता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इससे पूर्व एक तहसील मुख्यालय पर 48 घंटे अशांति की स्थिति बनी थी जिस पर भी वर्दी ने अच्छे संदेश के साथ काबू ही नहीं किया अच्छी समझाईश भी दे दी है। रविवार के घटनाक्रम में पास के प्रदेश के गमगीन परिवार के लोगों को सताने का मामला मन को आहत करने वाला है। अपनी बेटी की अस्थियों को लेकर उसका क्रियाकर्म करने धर्मनगरी में आने वाले परिजनों के साथ नाबालिग से छेडछाड का मामला किसी भी संवेदनशीलता वाले को उद्वेलित कर सकता है। इस अपराध को अंजाम देने वाले युवक कदापि सभ्य तो नहीं कहे जा सकते हैं। ऐसे संगठित अपराधियों का सभ्य समाज को खुलकर और सामने आकर विरोध करना ही चाहिए। अपराधियों को हतोत्साहित हर स्तर पर किया जाना चाहिए। समाज और धर्म के नाम पर अपराधियों को किसी भी हाल में प्रश्रय दिया जाना अपने ही लिए गड्डा खोदने के समान है।खुसूर-फुसूर है कि वर्दी को ऐसे अपराधियों जो कि व्यक्तिगत अपराधों को धर्म और समाज की और मोढते हैं, के लिए एक अलग से ही फाईल खोलना चाहिए । इससे इन्हें भविष्य में होने वाले ऐसे मामलों में सबसे पहले पकडा जा सके और इनका रेकार्ड भी अपडेट रखा जाना चाहिए। वर्दी की तत्परता एवं कप्तान की वक्त पर सख्त कार्रवाई से ये मामला रातों रात ही निपट गया।

 

Share:

संबंधित समाचार

Leave a Comment